द भारत: INDIA Gathbandhan: INDIA (इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूसिव अलायंस) की मंगलवार को आयोजित बैठक में 26 दलों ने भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ फॉर्मूला तो तैयार कर लिया, लेकिन खबर है कि इस दौरान सीट शेयरिंग जैसे बड़े मुद्दे पर कोई भी बात नहीं हुई. इन दलों ने नए नाम पर मुहर तो लगा दी, लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत कुछ नेता इससे दूरी बनाते नजर आए. नए गठबंधन ने बैठक के बाद ‘सामूहिक संकल्प’ भी जारी कर दिया है, जिसमें भाजपा सरकार के खिलाफ देश में एक वैकल्पिक राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक एजेंडा पेश करने की बात कही.
सामूहिक संकल्प में क्या 26 दलों की तरफ से जारी पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा गया. इसके अनुसार, ‘हम संविधान और लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित राज्य सरकारों के संवैधानिक अधिकारों पर जारी हमले का मुकाबला करने के लिए दृढ़ हैं. हमारी राजनीति संघीय ढांचे को जानबूझकर कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है. गैर-भाजपा शासित राज्यों में राज्यपालों और उपराज्यपालों की भूमिका संवैधानिक मानदंडों से अधिक रही है.
आगे कहा गया है, ‘भाजपा सरकार द्वारा राजनीतिक प्रतद्विंद्वियों के खिलाफ एजेंसियों का खुल्लम-खुल्ला दुरुपयोग हमारे लोकतंत्र को कमजोर कर रहा है. गैर-भाजपा शासित राज्यों की वैध जरूरतों, आवश्यकताओं और अधिकारों को केंद्र द्वारा सक्रिय रूप से अस्वीकार किया जा रहा है.
अल्पसंख्यकों का जिक्र, जातिगत जनगणना की मांग उठाई
पत्र में कहा गया है, ‘हम अल्पसंख्यकों के खिलाफ पैदा की जा रही नफरत और हिंसा को हराने के लिए एक साथ आए हैं और महिलाओं, दलितों, आदिवासियों तथा कश्मीरी पंडितों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए सभी सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक रूप से पिछड़े समुदायों के लिए एक निष्पक्ष सुनवाई की मांग करते हैं और पहले कदम के रूप में जाति जनगणना को लागू करें. ‘
नाम पर ही हो गई तकरार !
बैठक से पहले ही कहा जाने लगा था कि कुछ पार्टियां इतने जल्दी विपक्षी गठबंधन को औपचारिक नाम देने के पक्ष में नहीं हैं। खबरें भी इस तरह की आईं कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तरफ से तैयार किए और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरफ से प्रस्तावित नाम पर कुछ नेता असहमत नजर आए। इनमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सीताराम येचुरी समेत कुछ वाम नेता शामिल थे.
इधर, सीएम कुमार के प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले ही पटना वापसी ने तकरार की अटकलों और हवा दे दी. खबर है कि बैठक के दौरान शब्द ‘D’ से डेवलपमेंट और डेमोक्रेटिक को लेकर बहस हुई थी. एक मीडिया रिपोर्ट कहा गया कि बिहार सीएम कहना है कि गठबंधन का नाम INDIA रखने का क्या मतलब?
सीट शेयरिंग बाकी सोमवार यानी बैठक के पहले ही दिन उम्मीद जताई जा रही थी कि पार्टीयां सीट शेयरिंग को लेकर भी मंथन कर सकती हैं. कहा जा रहा था कि हर सीट पर विपक्ष साझा उम्मीदवार को उतारने को लेकर दल तैयार हैं, लेकिन अधिकांश ने आधिकारिक तौर पर इसे लेकर कुछ नहीं कहा है. एक मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल नाम से ज्यादा जरूरी मुद्दा सीट शेयरिंग को मान रहे थे. येचुरी भी उनका समर्थन करते नजर आए.
मुंबई में होगी अगली बैठक विपक्षी दलों की अगली बैठक मुंबई में हो सकती है. हालांकि, अगली बैठक कौन सी तारीख को होगी और एजेंडा क्या होगा, इसे लेकर स्थिति साफ नहीं है. खास बात है अब तक दोनों बार बैठक गैर-भाजपा सरकार वाले राज्यों में हुई हैं. लेकिन शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) की तरफ से आयोजित मीटिंग भाजपा-शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) शासित राज्य में होगी.