हरिद्वार (Haridwar) के मनसा देवी मंदिर में रविवार सुबह भगदड़ मच गई. इसमें 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 29 लोग घायल हैं. यह मंदिर पहाड़ के ऊपर बना हुआ है और यहां पहुंचने के लिए करीब 800 सीढ़ियां चढ़नी होती हैं.

एक चश्मदीद संतोष कुमार ने बताया कि मंदिर पहुंचने के लिए करीब 25 सीढ़ियां बची थीं, तभी हादसा हुआ. रविवार को भीड़ बहुत ज्यादा थी. इस बीच कुछ लोग वहां लगे तार को पकड़कर आगे बढ़े. इस दौरान कुछ तार छिल गए और उनमें करंट आ गया. इससे अफरा-तफरी मच गई और सीढ़ियों पर गिरने से लोग मारे गए.
करंट फैलने की बात अफवाह
इधर, हरिद्वार पुलिस (Haridwar Police) ने मंदिर में करंट फैलने की बात को अफवाह बताया. गढ़वाल डिवीजन के कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने कहा कि मंदिर में भारी भीड़ जुटने की वजह से हादसा हुआ. हरिद्वार SSP प्रमेंद्र सिंह डोभाल ने कहा- मनसा देवी मंदिर में भगदड़ में 35 लोगों के घायल होने की सूचना मिली थी. इन्हें अस्पताल लाया गया, लेकिन 6 लोगों की मौत हो गई. बाकी का इलाज चल रहा है.

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डॉक्टर बोलीं- हॉस्पिटल में 15 घायल पहुंचे
एम्स की डायरेक्टर डॉ. मीनू सिंह ने बताया कि अब तक 15 लोग लाए गए, जिनमें 4-5 को मामूली चोटें थीं, उन्हें छुट्टी दे दी गई. 10 भर्ती हैं, जिनमें दो बच्चे हैं और चार की हालत गंभीर है. सभी का इलाज चल रहा है.
CM धामी बोले- मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए का मुआवजा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा- हरिद्वार (haridwar) के मनसा देवी मंदिर में घायलों का इलाज चल रहा है. कुछ को एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है. हमारी प्राथमिकता है कि उन्हें अच्छा इलाज मिले और वे जल्द ठीक हो जाएं. टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया है. उन्होंने बताया कि हरिद्वार (Haridwar) में मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए दिए जाएंगे.


