नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) का नाम वोटर लिस्ट से कट गया है. इसकी जानकारी खुद तेजस्वी यादव ने शनिवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी है. उन्होंने कहा कि BLO आई थी और हमारा सत्यापन करके गई है. फिर भी मतदाता सूची में नाम नहीं है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसे लेकर एक वीडियो भी दिखाया.

वहीं जब पत्रकारों ने तेजस्वी यादव से (Tejashwi Yadav) पूछा कि आपकी पत्नी का वोटर ID कार्ड बना है या नहीं तो उन्होंने कहा कि जब मेरा बना ही नहीं, तब मेरी पत्नी का कैसे बन जाएगा. वहीं चुनाव आयोग के नए वोटर लिस्ट पर सवाल उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने कहा, ‘तकरीबन हर विधानसभा से 20 से 30 हजार नाम काटे गए हैं.
65 लाख वोटर्स के नाम कटे हैं
चुनाव आयोग ने बिहार में एक महीने तक चले गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) यानी वोटर वेरिफिकेशन के पहले चरण का डेटा जारी कर दिया है. ड्राफ्ट वोटर्स लिस्ट के मुताबिक, बिहार के नए वोटर लिस्ट में 65 लाख 64 हजार वोटरों के नाम काट दिए गए हैं.

चुनाव आयोग के मुताबिक, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 7 करोड़ 24 लाख 5 हजार 756 लोगों के नाम हैं. पहले यह आंकड़ा 7 करोड़ 89 लाख थे. 1 अगस्त को जारी आंकड़े में आयोग ने बताया है, ‘22 लाख 34 हजार वोटर का निधन, 36 लाख 28 हजार वोटर स्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट हुए हैं. वहीं, 7 लाख एक हजार वोटर का नाम दो जगह था. इस कारण इन लोगों का नाम हटाया गया है.’
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जहां महागठबंधन मजबूत वहां साढ़े 16 लाख वोटरों के नाम कटे
महागठबंधन के मजबूत इलाकों की बात करें तो इसमें पटना कमिश्नरी सबसे ऊपर है. यहां के 6 जिलों में विधानसभा की 43 सीटें आती हैं. 2020 विधानसभा चुनाव के आंकड़ों के मुताबिक, 27 सीटों पर महागठबंधन का कब्जा है. जबकि, 16 सीटों पर NDA की जीत हुई थी. चुनाव आयोग के मुताबिक, पटना कमिश्नरी में 10 लाख 42 हजार 570 वोटरों के नाम ड्रॉफ्ट लिस्ट में नहीं है.
वहीं, महागठबंधन के दूसरे मजबूत गढ़ मगध प्रमंडल के 5 जिलों में 6 लाख 15 हजार 362 वोटरों के नाम कटे हैं. मगध में विधानसभा की 26 सीटें आती हैं. 2020 के विधानसभा चुनाव में 19 सीटों पर महागठबंधन जीता था. 7 सीटों पर NDA की जीत हुई थी.


