बिहार एसटेट (Bihar STET) की मांग को लेकर पटना में प्रदर्शन कर रहे कैंडिडेट्स पर पुलिस ने 2 बार लाठीचार्ज किया. अभ्यर्थी CM हाउस का घेराव करने निकले थे. कैंडिडेट्स डाकबंगला चौराहा होते हुए CM हाउस जाना चाह रहे थे.

पुलिस ने सभी को जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग कर रोका. करीब 1 घंटे यहां प्रदर्शन के बाद कैंडिडेट्स बैरिकेडिंग तोड़कर आगे निकले लगे. इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. इसमें कईयों को चोटें भी आई हैं.
कैंडिडेट्स और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की
यहां लाठीचार्ज के बाद भी कैंडिडेट्स डाकबंगला चौराहे पर जुट गए. पुलिस ने यहां भी बैरिकेडिंग लगाकर सभी को रोका. वाटर कैनन की गाड़ी बुलाई गई. कैंडिडेट्स और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की होने लगी. इस दौरान फिर से पुलिस ने अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज कर दिया. प्रदर्शन में 5000 से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हैं.

जेपी गोलंबर पर प्रदर्शन के बीच मुख्य सचिव ने 5 कैंडिडेट्स को मिलने के लिए बुलाया था. इससे पहले कुछ अधिकारी उनसे बात करने पहुंचे. अभ्यर्थियों का प्रदर्शन पटना कॉलेज से शुरू हुआ. कैंडिडेट्स डाकबंगला चौराहा होते हुए CM हाउस घेराव करने जा रहे हैं. अभ्यर्थियों के हाथ में बिहार मांगे STET और STET नहीं तो वोट नहीं के पोस्टर हैं.
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नीतीश के ऐलान के बाद कैंडिडेट्स में गुस्सा
दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 4 अगस्त को X पर लिखा था कि, TRE-4 की परीक्षा साल 2025 में और TRE-5 साल 2026 में ली जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि STET का आयोजन TRE-5 से पहले कराया जाएगा. यानी अब STET परीक्षा 2026 में होगी. इस घोषणा से उन हजारों युवाओं को गहरा झटका लगा है जो TRE-4 से पहले STET आयोजित कराए जाने की उम्मीद लगाए बैठे थे. इसके बाद से ही STET कैंडिडेट्स में गुस्सा है.
अभ्यर्थियों का कहना है कि ‘अगर Bihar STET परीक्षा TRE-4 से पहले नहीं होती, तो सत्र 2022-2024 और 2023-2025 के B.Ed और BTC प्रशिक्षु छात्रों को इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का मौका नहीं मिल सकेगा.’ ‘छात्रों के पास शिक्षक बनने के लिए आवश्यक पात्रता ही नहीं होगी, क्योंकि STET के बिना वे TRE-4 में आवेदन करने के अयोग्य माने जाएंगे.’


