बिहार सरकार रैयतों के लिए 16 अगस्त से 20 सितंबर तक राजस्व महा अभियान (Revenue Mega Campaign) चला रही है, ताकि जमीन से जुड़े मामले जैसे म्यूटेशन, जमाबंदी, दस्तावेजों में त्रुटि को लेकर सुधार हो सके. इसी बीच रोहतास (Rohtas) जिले में जालसाज खुद को सीओ का असिस्टेंट बता कर कई लोगों से ठगी करने में कामयाब हो गया है.

इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब लोग एक-एककर डेहरी स्थित CO कार्यालय पहुंचने लगे. बताया जाता है कि खुद को सीओ का फर्जी असिस्टेंट बताकर राकेश मिश्रा नाम का जालसाज ने कई लोगों से जमाबंदी और म्यूटेशन के नाम पर ऑनलाइन पैसे ऐंठ लिए हैं. जब पूरे मामले की पोल खुली तो फ्रॉडबाजी के शिकार लोगों ने माथा पीट लिया.
बीजेपी नेता को भी लगाया चूना
बता दें कि ठगी के शिकार लोगों में भाजपा नेता सहित कई लोग शामिल हैं जिनसे जालसाज ने जमाबंदी , म्यूटेशन, ऑनलाइन पेपर में त्रुटि सही कराने के नाम पर रुपए खाते में डलवा लिये. जब लोगों को ठगे जाने का एहसास हुआ तो एक-एक करके अंचल कार्यालय पहुंचे.

ठगी के शिकार लोगों ने अंचल की कर्मी ऑपरेटर रिया कुमारी को पूरी जानकारी दी. उन्होंने सीओ अविनाश कुमार को पूरे मामले से अवगत कराया तो वह भी चौंक गए. सीओ ने पूरे मामले की जांच की तो बड़े फर्जीवाड़ा का पता चला है.
स्कैनर भेज कराया ऑनलाइन पेमेंट
डेहरी से भारतीय जनता पार्टी के नगर वाइस प्रेसिडेंट और रिटायर्ड ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर मोहन कुमार ने बताया कि विगत दो महीने पहले रसीद कटाने के लिए उन्होंने ऑनलाइन आवेदन दिया था, जिसके बाद उन्हें मोबाइल पर राकेश मिश्रा नाम के शख्स का कॉल आया कि रसीद काट दिया गया है. चालान के लिए 2580 रुपये लगेंगे.
“मेरे पास फोन आया कि मैं रोहतास (Rohtas) डेहरी सीओ का अस्सिटेंट बोल रहा हूं. चालान का पैसा 2580 रुपये मांगा. फिर स्कैनर भेजा और जमीन का ऑनलाइन पोजीशन भी भेजा. मैंने सब देखकर पैसा डाल दिया. फिर उसने कहा कि हम आपको चालान भेज रहे हैं. मैंने जब पता किया तो मालूम हुआ कि नंबर किसी और का है. मैंने शिकायत की है. सीओ को जानकारी दी है. मैंने डीएसपी साइबर क्राइम, एसएचओ और एसपी रोहतास को आवेदन दिया है.”-मोहन कुमार, बीजेपी नेता
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राजेश भी हुए ठगी का शिकार
मोहन कुमार ने बताया कि जब मैं अपना चालान लेने अंचल कार्यालय पहुंचा तो ठगे जाने का पता चला. ठीक इसी तरह की कहानी जमुहार निवासी राजेश कुमाए की भी है जो फर्जीवाड़े के शिकार हुए हैं.
“मुझे ब्लॉक स्टाफ बता कर राकेश मिश्रा नाम के शख्स ने कॉल किया और रसीद के नाम पर 2580 रुपए ऐंठ लिए. इतना ही नहीं उनसे रिज्यूम निकालने के नाम पर 7 हजार की डिमांड की, लेकिन जब मैं अंचल कार्यालय पहुंचा तो सारा माजरा समझ में आया.”-राजेश कुमार, पीड़ित
इधर रोहतास (Rohtas) डेहरी के CO अविनाश कुमार ने बताया कि यह काफी गम्भीर मामला है. मामले को लेकर उन्होंने लिखित तौर पर जिलाधिकारी को सूचना दे दी है. फर्जी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. उन्होंने कहा कि राकेश मिश्रा नाम के शख्स से अंचल कार्यालय का कोई नाता नहीं है. इस फर्जी के विरुद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.


