औरंगाबाद में निगरानी विभाग ने एक दरोगा (ASI Arrested) को 20 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया. दरोगा उमेश राम नगर थाना में पोस्टेड हैं. हालांकि कुछ दिनों पहले ही उसका ट्रांसफर नालंदा जिले में हो गया है, लेकिन यहां से अभी रिलीव नहीं हुए हैं.

निगरानी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शहर के वार्ड नंबर-23 स्थित विराटपुर मोहल्ला निवासी अधिवक्ता राजेश कुमार सिन्हा ने दरोगा उमेश राम के घूस मांगे जाने की शिकायत की थी.
उनके शिकायत पर मामला दर्ज कर निगरानी विभाग की टीम औरंगाबाद पहुंची. फिलहाल निगरानी विभाग की टीम दरोगा को सर्किट हाउस ले गई जहां आवश्यक प्रक्रिया की जा रही है.

सिलेंडर वापस करने के लिए रुपए मांगे थे
पूरा मामला गैस एजेंसी के CHP ब्रांच से जुड़ा है. राजेश कुमार सिन्हा अपने घर में गैस एजेंसी के CSP ब्रांच का संचालन करते थे.
जिसका रजिस्ट्रेशन उनकी पत्नी सीमा कुमारी अंबष्ट के नाम पर था. वार्ड पार्षद आरती श्रीवास्तव ने CSP संचालन में अनियमितता से संबंधित शिकायत अनुमंडल पदाधिकारी से की थी.
कुटुंबा प्रखंड के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के नेतृत्व में राजेश कुमार सिन्हा के आवास पर छापेमारी की गई. जहां एक गाड़ी में भारत और एचपी गैस सिलेंडर पाया गया. जिसमें 20 भरा हुआ और 60 खाली सिलेंडर मिले थे.
जबकि सीएसपी ब्रांच में 7 भरे सिलेंडर या 100 किलोग्राम एलपीजी गैस रखना वैद्य है. मामले में पदाधिकारी के आवेदन पर नगर थाना में कांड संख्या 200/25 दर्ज किया गया था. जिसमें दरोगा उमेश राम को आईओ बनाया गया था.
राजेश कुमार सिन्हा ने बताया था कि कस्टमर अपनी सुविधा के अनुसार खाली सिलेंडर उनके घर पर छोड़ कर चले जाते थे, इसलिए उन्हें सिलेंडर वापस कर दिया जाए. इस बात के लिए दरोगा 20 हजार रुपए की डिमांड कर रहे थे.
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