बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में आज हम मुजफ्फरपुर जिला के विधानसभा क्रम संख्या 90 मीनापुर सीट (Meenapur Assembly) की बात करेंगे. वैशाली लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के छह विधानसभा क्षेत्रों में से एक मीनापुर में फिर से जदयू- राजद के बीच कांटे की टक्कर की उम्मीद है. वर्तमान विधायक राजीव कुमार उर्फ मुन्ना यादव क्या जीत की हैट्रिक लगा पाएंगे या नहीं, यह देखना 2025 के चुनाव में दिलचस्प होगा.

कुशवाहा, सहनी और यादव मतदाता निर्णायक
मीनापुर विधानसभा (Meenapur Assembly) कभी नक्सल प्रभावित रहा यह विधानसभा क्षेत्र में पिछले चुनावो के आंकड़ों को देखें तो दलों के आधार वोट काफी महत्वपूर्ण हैं. यहां कुशवाहा और सहनी के साथ यादव वोटरों की संख्या कमोबेश एक जैसी है. वैश्य की संख्या भी अच्छी खासी है.
मीनापुर विधानसभा (Meenapur Assembly) क्षेत्र में फिर से 2025 विधानसभा चुनाव में बेरोजगारी, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, सड़कों की खराब स्थिति जैसे कई मुद्दे हैं, जो चुनाव के दौरान हावी रहेंगे. मीनापुर विधानसभा में मुख्य रूप से कुशवाहा, सहनी, वैश्य व यादव वोटरों की संख्या है. उम्मीदवारों की हार-जीत इन वोटरों पर काफी कुछ निर्भर करता है. पिछले तीन चुनावों के परिणाम भी यही कुछ बयां करते हैं.

ये भी पढ़ें..
- बिहार के 27% सांसद-विधायक राजनीतिक परिवारों से, जानें सबसे ज्यादा किस पार्टी में है वंशवाद?
- नीतीश के घोषणा के बाद भी उपेन्द्र कुशवाहा के नेता का दनादन प्रचार अभियान जारी, क्या निराला के टिकट पर लग सकता है ग्रहण
- शिक्षा विभाग के अफसर के 3 ठिकानों पर रेड, अवैध तरीके से अर्जित की अकूत संपत्ति
मीनापुर विधानसभा चुनाव परिणाम 2010
| प्रत्याशी का नाम | पार्टी | प्राप्त मत |
| दिनेश प्रसाद | जेडीयू | 42209 |
| राजीव कुमार | आरजेडी | 36778 |
| शकल देव सहनी | कांग्रेस | 15325 |
मीनापुर विधानसभा चुनाव परिणाम 2015
| प्रत्याशी का नाम | पार्टी | प्राप्त मत |
| राजीव कुमार,मुन्ना यादव | आरजेडी | 80490 |
| अजय कुमार | भाजपा | 56513 |
| मो. सदरूल खान | निर्दलीय | 4934 |
मीनापुर विधानसभा चुनाव परिणाम 2020
| प्रत्याशी का नाम | पार्टी | प्राप्त मत |
| राजीव कुमार | आरजेडी | 59733 |
| मनोज कुमार | जेडीयू | 44412 |
| अजय कुमार | लोजपा | 43337 |
मीनापुर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं के प्रमुख मुद्दे
मीनापुर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं से बातचीत के आधार पर जो प्रमुख मुद्दे हैं बूढी गंडक नदी पर पुल नहीं बनना, सब्जी उत्पादन के लिए मार्केट और जर्जर सड़क प्रमुख मुद्दा है.

- बूढ़ी गंडक नदी पर चांदपरणा घाट में नहीं बन सका पुल. इस पार से उस पार जाने के लिए तीन गुना अधिक तय करनी पड़ती है दूरी. पुल नहीं रहने से उस पार जिसकी जमीन उसको खेती करने में हो रही परेशानी.
- सब्जी उत्पादन का यह सबसे बड़ा हब है. मगर, कोल्ड स्टोरेज या खाद्य प्रसंस्करण यूनिट नहीं लगी. किसानों को नहीं मिल पाती सही कीमत.
- जंगली जानवर नीलगाय और बनैया सुअर से किसान रहते परेशान. इसका भी निदान नहीं हो सका.
- पूरे इलाके में पुराने संचरण लाइन से चल रही बिजली. इसे बदलने की जरूरत है। इसके कारण आए दिन रहती है बिजली की समस्या.
- मझौलिया-हजरतपुर-पछयारी सड़क जर्जर. इसका निर्माण होना चाहिए.

