विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस (Consumer Rights) हर साल 15 मार्च को उपभोक्ताओं के अधिकारों, सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बाजार में अनुचित व्यापार प्रथाओं से ग्राहकों की रक्षा करना है। इस उपलक्ष्य में रविवार को जिला उपभोक्ता आयोग बक्सर ने एक संगोष्ठी आयोजित की।

जिसकी अध्यक्षता वेद प्रकाश सिंह और संचालन कार्यकरणी सदस्यों द्वारा किया गया। इस दौरान उपभोक्ताओ को बताया गया कि भारत में उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा के लिए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 लागू है, जिसके तहत उन्हे सुरक्षा, सूचना, चयन, शिकायत दर्ज कराने और मुआवजा पाने जैसे कई महत्वपूर्ण अधिकार दिए गए हैं।
इस दौरान अधिवक्ता बसंत चौबे ने बताया कि 2025 की थीम “सतत जीवन शैली के लिए न्यायोचित परिवर्तन” है। यह पहली बार 1983 में मनाया गया था, जो राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी के 15 मार्च 1962 के संबोधन पर आधारित है।

उपभोक्ता का अधिकार क्या हैं?
जील उपभोक्ता आयोग बक्सर में पदस्थापित बेंच क्लर्क अखिलेश कुमार ने अपने सम्बोधन में कहा कि ग्राहकों के अपने सुरक्षा के लिए कई अधिकार प्राप्त है जिनमे सूचना, और सही का अधिकार शामिल है जिसके प्रति हम उन्हे जागरूक करने का प्रयास करते है ताकि वही धोखाधड़ी जालसाजी के खिलाफ आवाज उठा सके।
इसकी शुरुआत 15 मार्च 1962 को अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी द्वारा कांग्रेस में उपभोक्ता अधिकारों को औपचारिक रूप से मान्यता देने के साथ हुई थी। साथ ही उन्होंने बताया कि बक्सर जिला उपभोक्ता फॉर्म के माध्यम से पिछले 2024/25 सत्र में 80 केस फाइल किये गए थे जिनमे 115 केसों का निपटारा किया गया है। इनमे कुछ 2023/24 के पेंडिंग केस भी शामिल हैं।
वही शालिनी कुमारी ने गोष्ठी में मौजूद उपभोक्ताओ को यह जानकारी दी कि उपभोक्ता का अधिकार आए दिन बाजार में जमाखोरी, मिलावट, गलत नाप-तौल और अनुचित व्यापार नीतियों के खिलाफ खड़ा होने की प्रेरणा देता है। और यह भारत में राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस 24 दिसंबर को मनाया जाता है।
अधिवक्ता आशीष कुमार ने कहा कि जागरूकता और कानूनी अधिकारों के अभाव में लोगों को न केवल परेशानी उठानी पड़ती है बल्कि मेहनत की कमाई को भी गंवाना पड़ता है। इनमे सबसे अधिक शिकायतें जीवन बीमा, हेल्थ इंश्योरेंस, बिल्डर एग्रीमेंट और बिजली बिल से जुड़े होते हैं। बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें निजी कंपनियों ने उपभोक्ताओं को एक तरह का वादा किया लेकिन सेवा या उत्पाद कुछ और दिया।
उपभोक्ताओं के 6 कानूनी अधिकार
उपभोक्ताओं के कानूनी अधिकार के बारे में बताते हुवे अशोक पांडे ने कहा कि उपभोक्ता को 6 अधिकार प्राप्त है। मुख्य रूप से हैं।
- उपभोक्ताओं को ऐसे सामान और सेवाओं से सुरक्षा पाने का अधिकार है जो उनके जीवन और संपत्ति के लिए खतरनाक हो सकते हैं।
- उपभोक्ता को वस्तु या सेवा की गुणवत्ता, मात्रा, कीमत, शुद्धता, मानक और निर्माता की जानकारी का अधिकार है।
- उपभोक्ता को बिना दबाव के अपनी पसंद के अनुसार वस्तु या सेवा चुनने का अधिकार है।
- यदि किसी उपभोक्ता की शिकायत है तो उसे संबंधित मंच पर अपनी बात रखने और सुनवाई का अधिकार है।
- खराब उत्पाद या सेवा के कारण हुए नुकसान पर उपभोक्ता को मुआवजा या समाधान पाने का अधिकार है।
- उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में जानकारी पाने का अधिकार है।
आपको बता दें कि विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस हर साल 15 मार्च को मनाया जाता है। यह दिन 1962 की उस तारीख को चिह्नित करने के लिए चुना गया था जब राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी ने पहली बार उपभोक्ता अधिकारों की परिभाषा को रेखांकित किया था। यह दिन उपभोक्ता अधिकारों और आवश्यकताओं के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है।
मौके पर हरेन्द्र पांडे, विकाश कुमार, विनय कुमार पांडे, शिवम कुमार, अवध विहारी, अधिवक्ता भीम कुमार, अधिवक्ता पूजा मिश्रा, अधिवक्ता रामव्रत सिंह, राजेश कुमार, मोहंद अजहर, कुमार दिवयोम बागी, ललन प्रसाद, लालजी चौधरी, गणेश मौजूद रहे।


