भोजपुरी सिनेमा में काम कर चुके कई स्टार राष्ट्रीय स्तर पर राजनीति में अपने सिक्का जमा चुके हैं. मनोज तिवारी, दिनेश लाल यादव (निरहुआ), रवि किशन जैसे बड़े नाम एक्टिव पॉलिटिक्स में काफी अच्छा कर रहे हैं. इसी लिस्ट में एक और नाम भोजपुरी सिंगर रितेश पांडे का जुड़ गया है. रितेश पांडे (Ritesh Pandey) ने शुक्रवार को प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज का दामन थाम लिया हैं. इसके साथ ही पूर्व IPS डॉक्टर जय प्रकाश सिंह को भी प्रशांत किशोर ने पार्टी की सदस्यता दिलाई.

पवन सिंह के बाद अब रितेश पांडे की इंट्री
भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह ने लोकसभा चुनाव 2024 में बिहार में सबसे अधिक सुर्खियां बटोरी. राजनितिक जानकारों की मानें तो उन्होंने तीन सीटों पर एनडीए को नुकसान पहुंचाया. उनकी रैली में हजारों की संख्या में लोग तो आ रहे थे. मगर, वो जीतने में नाकाम रहे. अब बिहार में अगले तीन महीने बाद विधानसभा चुनाव होने है. इसी बीच भोजपुरी सुपरस्टार रितेश पांडे ने भी बिहार की राजनीति में एंट्री ले ली है.
ये भी पढ़ें..

- पवन सिंह और अक्षरा के रिश्ते पर रानी चटर्जी ने बताया, क्यों कोई खुलकर बात नहीं करता
- चकबंदी वाले गांवों में वास्तविक कब्जाधारी को ही मिलेगा मुआवजा, खतियान-जमाबंदी नहीं आएगी काम
- Bihar Jamin Sarvey : बिहार जमीन सर्वे में दस्तावेज को लेकर आया नया अपडेट
भभुआ विधानसभा से लड़ने की तैयारी
कैमूर जिले के अंतर्गत आने वाला भभुआ विधानसभा शुरू से ही ब्राह्मण बहुल इलाका रहा है. अभी यहाँ के विधायक भरत बिंद हैं. पहले भी इस सीट से ब्राह्मण उम्मीदवारों की जीत होती रही है. काराकाट से पॉवर स्टार पवन सिंह के ताल ठोकने के बाद इस बार रितेश पाडें भी किस्मत आजमाने पहुंचे हैं. हालंकि वह कहा से चुनाव लड़ेंगे इस पर अभी तक जन सुराज का कोई अधिकारिक बयान नहीं आया हैं. मगर रितेश पांडे भभुआ पर अपनी नजर टिकाये हुवे हैं.
नेता या गायक नहीं… बेटा हूं
भोजपुरी सिंगर रितेश पांडे (Ritesh Pandey) ने कहा कि मैं नेता या गायक नहीं बल्कि बेटा हूं और मुझे लोगों का भरपूर समर्थन मिलेगा. उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में शिक्षा का स्तर काफी खराब है. अगर यहाँ की जनता का समर्थन मिला तो शिक्षा को सुदृढ़ करने के क्षेत्र में काम करूंगा. सरकारी कार्यालय में घूसखोरी का प्रचलन काफी बढ़ा है, ऐसे में अगर हम जीतते हैं और कोई घूस लेता है तो उसको छठी का दूध याद दिला देंगे. सिंगर ने कहा कि मैं यहां का आवाज दिल्ली तक पहुंचाने का काम करूंगा.


