विभाग के सचिव श्री अजय यादव ने मंगलवार को सभी जिला अधीक्षकों और चेकपोस्ट प्रभारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक की. उन्होंने शराब तस्करी (Alcohol smuggling) के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश देते हुए निगरानी और छापेमारी बढ़ाने के निर्देश दिए.

बैठक में आबकारी आयुक्त सह महानिरीक्षक निबंधन श्री रजनीश कुमार सिंह ने जिलों को अपराध नियंत्रण अधिनियम (सीसीए) के तहत कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजने, ड्रोन आधारित छापेमारी करने, शराब तस्करों और पीने वालों की गिरफ्तारी तेज करने कहा.
जागरूकता और निगरानी पर जोर
आबकारी आयुक्त ने जहरीली शराब (Alcohol smuggling) की घटनाओं वाले क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने और गांव की बस्तियों में अवैध शराब बिक्री स्थलों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए. उन्होंने साफ कहा कि अनुसूचित जाति और गरीबों को परेशान न किया जाए. इसके साथ ही महिला संवाद के दौरान प्राप्त शिकायतों और सुझावों पर तुरंत कार्रवाई की जाए और सभी जिलों में शराब विनिष्टीकरण को 15 दिनों के भीतर पूरा करने कहा.

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चेकपोस्ट प्रभारियों पर जताई नाराजगी
उन्होंने अररिया के फुनकाहा, औरंगाबाद के पिचुलिया, कैमूर के कर्मनासा और भागलपुर के मिर्जा चौकी जैसे चेकपोस्ट प्रभारियों के कार्य पर असंतोष जताया और सुधार की चेतावनी दी. शराब तस्करी (Alcohol smuggling) को लेकर बक्सर, गोपालगंज, जमुई और अन्य सीमावर्ती जिलों में विशेष निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए. जिला अधीक्षकों को जिलों में जाकर चेकिंग तेज करने और चेकपोस्ट पर शराब वाहनों की जब्ती में तेजी लाने को कहा है. साथ ही, पर्याप्त मानव बल के आधार पर चेकपोस्ट प्रभारियों को छुट्टी देने का निर्देश दिया.
बैठक में आबकारी आयुक्त ने स्पष्ट किया कि शराब तस्करी (Alcohol smuggling) के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.


