बिहार (Bihar) में विधानसभा का चुनाव होने वाला हैं. एक तरफ चुनाव आयोग मतदाता सूची को लेकर अपनी एड़ी चोटी का जोर लगाए हुवे. वही दूसरी तरफ विपक्ष आयोग के सिर पर चढ़ा हुवा है. विपक्ष चुनावी एजेंडे बना रही हैं. सत्ता दल योजना पर योजना लागू करने में लगी है. बिहार (Bihar) में अब तक हुवे विधानसभा चुनाव में ऐसी तनातनी देखने को नहीं मिली थी.

खैर मुद्दे पर आते हैं! आपने तो सुना ही होगा… नई बहुरिया काम कम और बर्तन ज्यादा बजाती हैं. बिहार (Bihar) में भी ऐसे ही एक नेताजी हैं. जिनकी चर्चा जमीन पर कम फेसबूक पर ज्यादा हैं.
हम आए तो गोवर्धन पहाड़ हिला देंगे
साल 2014 की बात है तब देश में एक नेता जी प्रकट हुवे. उन्होंने अनेकों भविष्यवाणीयां की. जिनमे नीचे दी गईं भविष्यवाणीयां प्रमुख थी.

- सारे काले धन रखने वाले की लिस्ट मेरे पास है.
- कालाधन वापस आने के बाद हर नौसिखिए को 13,13 लाख मिलेंगे.
- वो एक मारेंगे हम दस मारेंगे.
- एक भकु नौकरी देंगे.
- पकौड़े रोजगार वगैरह वगैरह.
- कश्मीर में जमीन खरीदना हो जाएगा आसान.
- हवाई चप्पल वाला भी हवाई जहाज में करेगा सफर.
- मेरा क्या हैं मैं तो सेवक हूँ झोला लेकर चल दूंगा. वगैरा,,,वगैरा.
ठीक वही राग, वही धुन, वही गाना अब बिहार में विनोद गा रहे है. विनोद ने बिहार चुनाव से पहले इतनी भविष्यवाणीयां कर दी है कि माधव भी टेंशन में हैं कि ऐसा भविष्यवाणी करने वाला प्राणी कहा से आ गया. फिलहाल आगे बढ़ने से पहले विनोद की भविष्यवाणीयो पर भी एक नजर..
विनोद की बिहार के लिए प्रमुख भविष्यवाणीयां
- शराब बंदी 15 मिनट में हट जाएगी.
- पलायन 24 घंटे में रुक जाएगा.
- रोजगार झट से मिल जाएगा.
- नौकरी पट से मिल जाएगी.
- दिवाली से पहले छठ आ जाएगा.
- वो तो नवीं फेल है.
- ये तो सातवीं फेल है.
- लालू जी के राज में जंगल राज था.
- नीतीश के राज में महा जंगल राज है.
- हम आए तो समस्तीपुर को स्पेन बना देंगे. वगैरा,,,वगैरा.
हालांकि विनोद बोलता बहुत अच्छा हैं. और गूगल भी यही कहता है कि बोलने से सब होता हैं. शायद इसलिए पूरा सोशल मीडिया उसके उजले और पीले वचनों से भर गया हैं. सूबे के सभी जिलों के सड़कों पर विनोद की गाड़ियां सरपट दौर रही हैं. उसे मालूम हैं कि बिहार देश में सर्वाधिक युवा आबादी वाला राज्य है. यहाँ करीब 60 प्रतिशत लोग 25 वर्ष से कम आयु वर्ग के हैं. और इस पर किसीका ध्यान नहीं हैं.
जैसे माधव ने 2014 में अपने ख्याति पाने के लिए पूरी बैंड पार्टी को अपने खेमे में शामिल कर अपना साम्राज्य स्थापित किया था. ठीक अब विनोद भी माधव के तर्ज पर बिहार में हवा बनाने में जुटे हुवे हैं. वह भी अपनी बैंड पार्टी वाला समूह तैयार करने में जुट गए हैं.
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अवाम क्या कहती हैं?
अवाम यानी जनता जनार्दन के बीच जो फुसुर फुसुर हो रही हैं. उसका तो सुर ही अलग हैं. चौक चौराहों पर विनोद की चर्चा हो रही हैं. मगर इस बात कि चर्चा ज्यादा हैं कि पिछले 15 सालों से जो बैंड पार्टी ने शोर मचा रखा हैं, वो शोर बिहार में नहीं बजने देंगे. ये बैंड वाले बहुत आवाज कर रहे हैं. अब देखना यह हैं कि विनोद एंड कम्पनी का गाना बिहार वासियों को कितना पसंद आता हैं.


