दक्षिण मध्य रेलवे के विभिन्न क्षेत्रों के ट्रैक रखरखाव कर्मचारी (ट्रैक मेंटेनर्स) और अन्य कर्मचारी ने सोमवार को सिकंदराबाद स्थित रेलवे मुख्यालय में एकत्रित हुए। प्रतिनिधिमंडल ने जनरल डिपार्टमेंटल कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन (जीडीसीई) पदों के संबंध में उनके साथ हो रहे घोर अन्याय से महाप्रबंधक सचिव और प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी को अवगत कराया और रेलवे बोर्ड के आदेशों को लागू करने की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा।

जिसमें कम से कम 25% सीधी भर्ती पदों को जीडीसीई के लिए आवंटित करने की बात कही गई थी। इस अवसर पर बोलते हुए, उन्होंने अपनी शिकायतें व्यक्त कीं कि जनरल डिपार्टमेंटल कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन (जीडीसीई) पदों के संबंध में उनके साथ घोर अन्याय हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे बोर्ड के आदेश के बावजूद कि कम से कम 25% सीधी भर्ती पदों को जीडीसीई के लिए आवंटित किया जाए, उन्हें बहुत कम पद आवंटित किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले सात वर्षों में, खुले बाजार के माध्यम से नॉन टेक्निकल की लगभग 4000 पद भरे गए, लेकिन उनमें से 25% (अर्थात लगभग 1000 पद) जीडीसीई के लिए आवंटित नहीं किए गए। मात्र 29 पद पर ही भर्ती निकली गई यह स्पष्ट हुआ कि यह एक गंभीर अन्याय है और इससे विभागीय कर्मचारियों के पदोन्नति के अवसरों पर असर पड़ रहा है।
उन्होंने मांग की कि इस अन्याय को दूर किया जाए और रेलवे बोर्ड के नियमों के अनुसार जीडीसीई के लिए पात्र अतिरिक्त पदों का आवंटन किया जाए। इस बैठक में चंदन कुमार, प्रियंका वर्मा, श्रीनिवास और अन्य उपस्थित थे।


