न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने जानकारी दी है कि भारत के सबसे बड़े कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र से जुड़ी फाइलें डार्कवेब पर लीक हो गई हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, रैनसमवेयर समूह वर्ल्ड लीक्स ने डार्क वेब पर बड़ी संख्या में इस संयंत्र से जुड़ी फाइलें जारी की हैं, जिसमें इसके कुछ हिस्सों के कथित ब्लूप्रिंट और आपूर्तिकर्ताओं की जानकारी शामिल है। इस जानकारी के रिलायंस समूह से आने का दावा किया गया है।

भारतीय उद्योगपति अनिल अंबानी का रिलायंस समूह, इस संयंत्र के अनुबंधकों में शामिल है। रिलायंस ने रॉयटर्स को भेजे अपने बयान में कहा कि एक सर्वर पर उनके डाटा में “आंशिक सेंधमारी” हुई है और इसकी जानकारी भारत सरकार को दे दी गई है। रिलायंस ने यह नहीं बताया है कि कौन सा डाटा लीक हुआ है। डार्क वेब पर मौजूद डेटा में बैठकों और जांचों से जुड़ी जानकारी भी शामिल है। हालांकि, रॉयटर्स इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता। और ना ही द भारत इसकी सत्यता की पुष्टि करता हैं।
कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र भारत के दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में स्थित है। यह भारत के सात परमाणु संयंत्रों में से सबसे बड़ा है और देश की परमाणु ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने की महत्वाकांक्षी योजनाओं का अहम हिस्सा है। न्यूक्लियर थ्रेट इनीशिएटिव के सीनियर डायरेक्टर निकोलस रोथ के मुताबिक, यह डाटा लीक प्लांट की सुरक्षा के लिए “गंभीर” जोखिम पैदा कर सकता है।

सरकार को दी गई जानकारी
इनमें पॉवर प्लांट के कुछ हिस्सों के ब्लूप्रिंट, सप्लायर्स की लिस्ट, कंट्रोल रूम और अन्य रिकॉर्ड सार्वजनिक किए गए। सर्वर मई में हैक हुआ था, जून में दस्तावेज लीक का दावा किया गया। इसकी जानकारी अब सामने आई है।
तमिलनाडु के कुडनकुलम प्रोजेक्ट पर काम कर रहे अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप ने माना है कि थर्ड-पार्टी डेटा सेंटर कंपनी योट्टा का सर्वर हैक किया गया। इसकी जानकारी सरकार को दे दी गई है।
डेटा लीक कैसे हुआ, 6 पॉइंट में समझें…
- रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट की यूनिट-3 और यूनिट-4 प्रोजेक्ट का ठेकेदार है।
- कंपनी का कुछ डेटा थर्ड-पार्टी डेटा सेंटर कंपनी योट्टा के सर्वर पर मौजूद था।
- योट्टा ने सर्वर पर 29 मई 2026 को संदिग्ध गतिविधि देखी। दावा किया कि साइबर अटैक रोक दिया।
- जून के अंत में रिलायंस ने योट्टा को बताया कि वर्ल्ड लीक्स नामक हैकर समूह डेटा चोरी का दावा कर रहा है।
- डार्क वेब पर करीब 8.58 लाख फाइलों में से लगभग 19 हजार संवेदनशील दस्तावेज अपलोड करने का दावा किया गया।
- लीक दस्तावेजों में कथित तौर पर ब्लूप्रिंट, सप्लायरों की जानकारी, निरीक्षण रिकॉर्ड, बैठकों के दस्तावेज की फाइलें शामिल हैं।
न्यूक्लियर पॉवर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) रिलायंस के साथ मिलकर मामले की समीक्षा कर रहा है। भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम भी इस डेटा लीक की जांच कर रही है।


