पटना के पारस अस्पताल में भर्ती बक्सर के कुख्यात चंन्दन मिश्रा (Chandan mishra Murder) की अपराधियों ने ICU में घुसकर गोली मारी दी हैं. दैनिक भास्कर के अनुसार 4 की संख्या में आए अपराधियों ने हॉस्पिटल के बाहर गाड़ी खड़ी की, ICU में घुसकर वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गए.

घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही शास्त्री नगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है. मृतक का नाम चंदन मिश्रा है. चंदन, बेऊर जेल से पैरोल पर इलाज के लिए पारस अस्पताल आया था. उसका लिवर डैमेज हो गया था.

SSP बोले- चंदन के विरोधी गुट ने गोली मारी
पटना SSP कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि ‘बक्सर निवासी चंदन मिश्रा (Chandan mishra Murder) पर हत्या के दर्जनों केस दर्ज थे. एक मामले में चंदन सजायाफ्ता भी है. चंदन इतना दुर्दांत अपराधी है कि इसे बक्सर से भागलपुर जेल भेजा गया था. इलाज के कारण पेरोल दिया गया था. चंदन के विरोधी गुट ने गोली मारी है.’
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15 दिनों की पैरोल पर बाहर आया था
चंदन बक्सर का रहने वाला था. बक्सर में राजेंद्र केसरी नाम के चूना व्यवसायी की हत्या के मामले में कोर्ट ने दोषी ठहराया था. उसे उम्रकैद की सजा हुई थी. बताया जा रहा है कि चंदन मिश्रा 15 दिनों के लिए पैरोल पर बाहर आया था. 18 जुलाई को उसकी पैरोल खत्म हो रही थी. 18 जुलाई को वापस उसे पटना के बेऊर जेल लौटना था.
इस बीच तबीयत खराब होने के बाद वह पटना के पारस अस्पताल में अपना इलाज कर रहा था. चंदन मिश्रा को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी. पिछले 12 सालों से वह जेल में बंद था. वो बक्सर जेल से भागलपुर और भागलपुर से फिर पटना के बेऊर जेल में सजा काट रहा था.
कोलकाता से हुई थी चंदन की गिरफ्तारी
2011 में रंगदारी नहीं देने पर बक्सर के राजेंद्र केसरी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में राजेंद्र के परिवार ने शेरू सिंह और चंदन मिश्रा (Chandan mishra Murder) समेत कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. 12 फरवरी 2020 को पटना हाईकोर्ट ने शेरू सिंह और चंदन मिश्रा को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी. चंदन मिश्रा बक्सर जेल से भागलपुर और फिर पटना के बेऊर जेल में शिफ्ट हुआ था. शेरू सिंह को निचली अदालत ने फांसी की सजा दी थी, जिसे हाईकोर्ट ने आजीवन कारावास में बदल दिया था.
हत्याकांड के बाद पुलिस ने आरोपी शेरू सिंह और चंदन मिश्रा पर 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था. बड़ी मशक्कत के बाद दोनों को बक्सर पुलिस ने कोलकाता से दबोचा था. साल 2009 से 2012 के बीच शेरू और चंदन ने मिलकर करीब डेढ़ दर्जन से अधिक आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया था.


