बिहार की नदियों में उफान (Bihar Flood) है. गंगा समेत प्रदेश में बहने वाली छह नदियां लाल निशान के करीब पहुंच चुकी है. कोसी समेत राज्य की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. आधा दर्जन नदियां वर्निंग लेवल से ऊपर बह रही है. इन सभी में बढ़ोतरी जारी है. वहीं कई इलाकों में अब बाढ़ (Bihar Flood) का संकट मंडराने लगा है.

कोसी भी तबाही का दे रही संकेट, पटना में गंगा खतरके के निशान के पार
गोपालगंज में गंडक, सीतामढ़ी में बागमती, सुपौल के बसुआ और खगड़िया के बलतारा में कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. पटना के गांधी घाट में गंगा नदी का जलस्तर गुरुवार को खतरे के निशान को पार कर गया. नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से निचले इलाके में पानी तेजी से बढ़ रहा है. जल संसाधन विभाग के अभियंताओं और अधिकारियों की शिफ्ट में दिन-रात निगरानी की ड्यूटी लगी है.

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पटना में बाढ़ का खतरा मंडराया
पटना के कई इलाकों में बाढ़ (Bihar Flood) का खतरा मंडरा रहा है. धनरुआ में कई बांध टूट गए. कररुआ नदी उफान पर है. जिसके चलते बाढ़ का पानी कई गांवों में घुस चुका है. दनियावां प्रखंड की नदियों में भी उफान है. कई इलाकों के स्कूल तक बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं. दानापुर में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है जिससे कई पंचायतों में कटाव की समस्या शुरू हो गयी है.
राजधानी और भागलपुर में गंगा का जलस्तर
पटना के गांधी घाट पर गंगा खतरे के निशान के पार बह रही है. NDRF और SDRF को अलर्ट किया गया है. दीघा घाट पर खतरे का निशान 50.45 मीटर है जबकि पानी गुरुवार की रात को 49.74 मीटर तक पहुंच गया था. भागलपुर में गंगा का जलस्तर डराने लगा है. पहले हर घंटे एक और अब हर घंटे तीन सेंटीमीटर की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है. गंगा यहां 31.85 मीटर पर बह रही है. खतरे का निशान 33.68 मीटर है. लोगों को सतर्क रहने कहा गया है. बाढ़ की आहट से नीचले इलाके के लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं.
फल्गू समेत कई और नदियां उफान पर
जहानाबाद और नालंदा में 20 जगह पर बांध में सीपेज रोककर बाढ़ का खतरा टाला गया. बारिश और झारखंड से पानी छोड़े जाने के कारण नालंदा और जहानाबाद में फल्गू समेत कई नदियां उफान पर है. कई बांध टूट गए. मुख्य मार्गों पर पानी आरपार बहने लगा है. जहानाबाद के घोसी में तटबंध टूटने से बधार जलमग्न हो गया.


