बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत का आज 50वां बर्थडे है. निशांत आज 50 साल के हो गए हैं. इस मौके पर उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है, लेकिन राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा (Upendra kushwaha) ने निशांत को बधाई के साथ ही सीएम नीतीश को एक नशिहत भी दे दी है.

छोटे भाई ने दी बड़े भाई को नसीहत
उपेन्द्र कुशवाहा (Upendra kushwaha) ने अपने फेसबुक पोस्ट पर नीतीश कुमार के बेटे निशांत को जन्मदिन की बधाई देते हुवे कहते हैं. खुशी के इस अवसर पर जेडीयू की नई उम्मीद निशांत को जन्म दिन की ढेर सारी शुभकामनाएं. ईश्वर उसे हमेशा स्वस्थ एवं प्रसन्नचित्त रखें.
कुशवाहा ने लिखा है आगे लिखा, अब सरकार और पार्टी दोनों का संचालन खुद सीएम नीतीश के लिए उचित नहीं है. सीएम नीतीश कुमार को इस मसले पर समय रहते ठोस फैसला लेना होगा. ‘अगर फैसला लेने में देरी होती है तो नुकसान हो सकता है जिसकी कभी भरपाई नहीं की जा सकती है.’ कुशवाहा ने ये सलाह सोशल मीडिया के जरिए सीएम नीतीश कुमार को दी है.

उपेन्द्र कुशवाहा किस नुकसान की बात कर रहे हैं
बिगत दो वर्षो में नितीश कुमार पर उनके उम्र का असर आये दिन देखने को मिलता रहता हैं. उनकी बढती उम्र से उनका संतुलन बिगड़ता जा रहा हैं. सूबे में जिस तरह से अपराध बढ़ रहे है, साशन और प्रशासन सुस्त दिख रही है. ऐसा प्रतीत होता है मानो नितीश कुमार का इक़बाल ख़त्म होता दिख रहा हैं.
दूसरी तरफ राजनितिक विश्लेशको का मानना है कि उनके उपर केंद्र का भी दवाव जरूरत से ज्यादा है. उनके दाए बाए दोनों बीजेपी के डिप्टी सीएम अपना दबदबा बनाये हुवे है. नितीश से ज्यादा बयानबाजी डिप्टी सीएम कर रहे हैं. एनडीए में साथ होने के बाद भी कई दल अपने आपको अकेला महसूस कर रहे हैं.
फ़िलहाल बीजेपी नितीश के चेहरे पर चुनाव तो लड़ रही हैं. लेकिन इसी आड़ में भाजपा इस रणनीति पर भी काम कर रही हैं की अपने घटक दलों में जो छोटी बड़ी पार्टियाँ हैं, उन्हें कम से कम सीटें दी जाये. यही वजह है की चिराग भी चुनाव से पहले काफी उथल पुथ मचाये हुवे हैं. शयद इसकी आहट उपेन्द्र कुशवाहा (Upendra kushwaha) को भी मिल गई है.
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जेडीयू नेता राजीव रंजन ने कहा
उपेंद्र कुशवाहा (Upendra kushwaha) की सलाह को राजीव रंजन ने उनकी निजी राय करार देते हुए कहा कि जदयू एक सुगठित संगठन है, जो अपने फैसले स्वयं करने में सक्षम है. दरअसल, नीतीश कुमार के पूर्व सहयोगी और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने ‘बड़े भाई’ को जनता दल (यूनाइटेड) का नेतृत्व छोड़ने और अपने पुत्र निशांत को उत्तराधिकारी घोषित करने की सलाह दी है. नीतीश की तरह उपेंद्र कुशवाहा भी एनडीए के पार्टनर हैं और लोकसभा चुनाव हार जाने के बाद बीजेपी ने अपने कोटे से उन्हें राज्यसभा का सांसद बनाया है. नीतीश कुमार के साथ उपेंद्र कुशवाहा (Upendra kushwaha) के अनुभव खट्टे-मीट्ठे रहे हैं.


