बिहार में स्याही सूख नही पाती है अखबार की, तब तक एक नई खबर आ जाती है बलात्कार (Rape) की. इस बिच दरभंगा के बिरौल थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग गांवों में अलग-अलग लड़कियों से रेप की वारदात सामने आई है. परिजन का आरोप है कि जब उन्होंने वारदात के संबंध में मीडिया से बातचीत करने और जानकारी देने की कोशिश की तो उन्हें पुलिस ने बोलने से इनकार कर दिया. हालांकि, पुलिस की ओर से धमकाने के बावजूद शनिवार को दोनों घटनाओं के पीड़ितों ने वारदात के संबंध में मीडिया को पूरी जानकारी दी.

रेप (Rape) की शिकार 18 साल की पीड़िता 11वीं की स्टूडेंट है. परिजन के मुताबिक, पड़ोस में रहने वाले 20 साल के मुन्ना राय नाम के शख्स ने लड़की के साथ 23 जुलाई को रेप की वारदात को अंजाम दिया है. पीड़िता की मां के मुताबिक, आरोपी का घर उनके मकान से कुछ ही दूरी पर है. वारदात वाली रात आरोपी उनके घर में घुस आया और रेप की घटना को अंजाम दिया.
पीड़िता की मां ने बताया-
वारदात के दौरान जब मेरी बेटी ने शोर मचाया, तो हम लोगों को इसकी जानकारी हुई। जब मैं बेटी के पास पहुंची तो आरोपी ने मुझे धक्का देकर जमीन पर पटक दिया और मौके से फरार हो गया. आरोपी के फरार होने के बाद मैंने नीचे देखा तो मुन्ना राय के परिचित अरुण राय, प्रवीण राय और गोविंद राय घर के बाहर खड़े होकर आरोपी की मदद कर रहे थे.

अगले दिन यानी 24 जुलाई की सुबह जब पीड़िता की दादी आरोपी के घर गईं तो आरोपियों ने उनके साथ और उनके पति के साथ जमकर मारपीट की. वहां मौजूद श्याम राय, अरुण राय और बुच्चीलाल राय गाली-गलौज करने लगे.
शिकायत करने पर देशी कट्टे से हमला
इसके बाद राजकुमार राय, गोविंद राय और प्रवीण राय हथियार और देसी कट्टा लेकर पीड़िता के घर पर चढ़ आए. गोविंद राय ने फरसा से हमला कर पीड़िता के दादा पर तलवार से हमला कर उन्हें घायल कर दिया, जिससे उनका बायां पैर आंशिक रूप से कट गया और खून बहने लगा. दोनों बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज पहले बिरौल सीएचसी हुआ और बाद में डीएमसीएच में कराया गया.
पीड़िता के परिजन का कहना है कि कई बार थाना जाने के बाद शुक्रवार देर रात उनकी प्राथमिकी दर्ज की गई. पीड़िता की मां ने कहा कि हमारी बच्ची का किसी से कोई प्रेम प्रसंग नहीं है. हम न्याय चाहते हैं. उन्होंने कहा कि मेरे पति मुंबई में काम करते हैं. अब देखना यह कि बिहार पुलिस इस मामले पर कितनी तत्परता दिखाती हैं.


