बिहार में कई ऐसे रिश्वतखोर हैं, जिन्हें बिना रिश्वत के खाना- पीना अच्छा नहीं लगता. ऐसे रिश्वतखोर लगातार निगरानी के हत्थे चढ़ते हैं. औरंगाबाद (Aurangabad) में एक ऐसे ही राजस्व कर्मचारी की गिरफ्तारी हुई है, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की पटना से आई टीम ने एक राजस्व कर्मचारी को 20 हजार की रिश्वत लेते मंगलवार को धर दबोचा.

गिरफ्तार राजस्व कर्मचारी प्रमोद कुमार औरंगाबाद (Aurangabad) के ओबरा अंचल कार्यालय में पदस्थापित है. मामले में निगरानी की टीम आगे की कार्रवाई में जुटी है. निगरानी डीएसपी विकास श्रीवास्तव ने बताया कि ओबरा थाना के मानिकपुर गांव निवासी उदय कुमार ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के पटना स्थित कार्यालय आकर शिकायत दर्ज कराई थी कि ओबरा अंचल के राजस्व कर्मचारी प्रमोद कुमार दाखिल खारिज करने के नाम पर रिश्वत मांग रहे हैं.
कर्मचारी पर पहले प्राथमिकी
शिकायत के आलोक में मामले को लेकर निगरानी थाना में प्राथमिकी संख्या-60/2025 दर्ज किया. प्राथमिकी दर्ज करने के बाद शिकायत के सत्यापन की जिम्मेदारी निगरानी के पुलिस अवर निरीक्षक राहुल कुमार को सौंपी गई. उन्होंने औरंगाबाद (Aurangabad) के ओबरा पहुंचकर शिकायत का सत्यापन किया. सत्यापन में राजस्व कर्मचारी के खिलाफ शिकायत सत्य पाया गया. इसके बाद आगे की कार्रवाई के लिए निगरानी की छः सदस्यीय टीम गठित की गई. टीम मंगलवार की सुबह कार्रवाई के लिए पटना से चली.

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टीम बनाकर एक्शन
तय रणनीति के अनुसार शिकायतकर्ता उदय कुमार 20 हजार की रिश्वत देने ओबरा अंचल कार्यालय स्थित राजस्व कर्मचारी प्रमोद कुमार के कक्ष में गए, जहां उनके द्वारा रिश्वत की रकम लेकर आने की बात कही गई. इसके बाद राजस्व कर्मचारी ने अपना जूट का लंच बैग आगे करते हुए कहा कि रकम बैग के खाली लंच बॉक्स में रख दे, काम हो जाएगा. इसके बाद शिकायतकर्ता लंच बॉक्स में 20 हजार की रिश्वत की रकम रखने के बाद राजस्व कर्मचारी के कक्ष से बाहर निकला और पहले से सादे लिबास में घात लगाए निगरानी की टीम को इशारा किया.
निगरानी टीम ने दबोचा
उसके बाद इशारा मिलते ही निगरानी की टीम कक्ष में घुसी और राजस्व कर्मचारी को धर दबोचा. राजस्व कर्मचारी को दबोचने के बाद निगरानी की टीम आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के लिए उसे लेकर औरंगाबाद (Aurangabad) सर्किट हाउस आई, जहां टीम द्वारा राजस्व कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार करने की विस्तृत जानकारी दी गई.
निगरानी की टीम के साथ मौजूद शिकायतकर्ता उदय कुमार ने बताया कि अपनी जमीन का दाखिल खारिज कराने के लिए उन्होंने परिमार्जन प्लस पोर्टल पर आवेदन किया था. आवेदन करने के बाद पिछले छः माह से उसका लंबित रहा. इसे लेकर उन्होने जब राजस्व कर्मचारी से संपर्क किया तो, उनके द्वारा 1.70 लाख की रकम रिश्वत के रूप में मांगी गई.
डेढ़ लाख की मांग
कर्मचारी की ओर से कहा गया कि यदि एक बार में पूरी रकम दे दोगे तो दो दिन में काम हो जाएगा और किश्तों में रकम दोगे तो किश्तवार काम आगे बढ़ेगा. साथ ही यह बताया कि इस रकम में 1.50 लाख अंचल अधिकारी लेंगे और शेष 20 हजार उनके हिस्से में आएगा. इस पर उन्होंने किश्त में रिश्वत की रकम देने की बात स्वीकार की और पटना जाकर निगरानी से संपर्क किया, जिसके बाद निगरानी की टीम ने यह कार्रवाई की.
पटना ले गई टीम
मामले में आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद निगरानी की टीम रिश्वतखोर राजस्व कर्मचारी को अपने साथ पटना लेकर जा रही है, जहां बुधवार को निगरानी की विशेष अदालत में पेशी के बाद राजस्व कर्मचारी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाएगा. निगरानी की टीम में पुलिस उपाधीक्षक विकास श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर योगेंद्र कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक कुंदन कुमार, सत्यापनकर्ता राहुल कुमार, एक्सपर्ट सुमित कुमार एवं कार्यालय कर्मी सुजीत कुमार शामिल रहे.


